मेरा नया उपन्यास
सुधा भार्गव
उड़क्कू की जीत बाल उपन्यास आश्चर्य भरे पड़ावों से गुजरती एक ऐसी यात्रा है जिसका सम्बंध पुराने समय से आज तक चला आ रहा है। उड़क्कू के सुनहरे दिन बड़े रोमांचक व साहस से भरे थे। एक समय था जब वह दिलों पर राज करता था। पर धीरे -धीरे लोग उससे दूर होते गए। भावनाओं , संवेदनाओं के अभाव में मोबाइल पर हाय -हेलो होने लगी और प्यार भरे रिश्तों में रूखापन आ गया। दुख की बदली छाने पर भी उड़क्कू ने हिम्मत नहीं हारी।अंत में अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने में सफल ही रहा।
अब यह उड़क्कू कौन है !यह तो पूरी तरह से तभी पता लगेगा जब प्यारे बच्चे उपन्यास के पृष्ठ पलटते हुए उसकी उड़ान में शामिल हो जाएँगे । आशा है उड़क्कू के साथ अपनी उड़ान भरते समय मेरे बाल पाठक उमंग व उत्साह के झरोखों से झाँकते मिलेंगे।
सुधा भार्गव



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