उड़ती दुनिया के नन्हें रोबॉट्स/
सुधा भार्गव
बालकहानियों का अनोखा विज्ञान
मेरा नया बालकहानी संग्रह --उड़ती दुनिया के नन्हें रोबॉट्स छपकर तैयार है। इस पुस्तक में 12 कहानियाँ हैं। हर कहानी वह खिड़की है जिससे 2036 की दुनिया आज ही देखी जा सकती है। पन्ने पलटते ही ऐसी दुनिया में प्रवेश मिल जाएगा जहां जमीन पर चलना पुराना फैशन हो गया है । यहाँ शहर,सड़कों पर नहीं बसते हैं!आसमान में बसते हैं और घर परिंदे की तरह हवा में तैरते हैं।
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यह भविष्य की वह सुनहरी झाँकी है,
जहाँ तकनीक सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि परिवार का एक हिस्सा बन गई है। वह
रिश्तों में हाथ बटाती है और घर को सुकून से भर
देती हैं। तभी तो ‘दादी -नानी के भोजनालय’ कहानी में दादी-नानी आराम से बैठी हैं और रसोई में ह्यूमनॉइड रोबोट पूरी कुशलता के साथ उनकी पसंद का ज़ायकेदार खाना
तैयार कर रहे हैं।
यह सफर
सिर्फ धरती से आसमान तक ही सीमित नहीं है!अब तो मंगल ग्रह की लाल धूल भरी वादियों तक चलने का समय आ गया है
।उस अनजान दुनिया में हमारे सबसे भरोसेमंद साथी हैं रोबोट्स! चाहे साँस लेने के
लिए ऑक्सीजन बनानी हो या रहने के लिए घर —ये
मशीनी दोस्त हर कदम पर हमारे मददगार बने खड़े हैं।
इन
सबके बीच, पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं हमारे 'नन्हे जादूगर'। ये अदृश्य से दिखने वाले नैनो-रोबोट्स अपने
नन्हे हाथों से ऐसे चमत्कार दिखाते हैं कि बड़ी से बड़ी मुश्किलें पलक झपकते ही हल
हो जाती हैं। नन्हें रोबॉट्स की फौज इस
पुस्तक में भी है। यह फौज जब बेलू के घर में घुस गई और अपनी 'मशीनी जादुई छड़ी' घुमाई, बबलू तो हैरान!
बच्चो और बचपन से किशोरावस्था की ओर
कदम बढ़ाते बच्चों --तो फिर
देर किस बात की!निकल पड़ो इस अनोखी उड़ती दुनिया की सैर करने! जहां नैनो रोबोट्स तुम्हारा इंतजार कर रहे है।

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